SEO vs SMO 10 Points

SEO vs SMO 10 Points

सर्च एंजिन ऑप्टिमाईजेशन बनाम सोशल मीडिया ऑप्टिमाईजेशन

  1. SEO एक टूल है जिसके जरिए चाहे गए एड्रेस पर यूजर्स का ट्रेफिक बढ़ाया जाता है. SMO यानी सोशल मीडिया ऑप्टिमाईजेशन और SEO एक दूसरे के मददगार हैं.
  2. SEO में जहां ऑन-पेज और ऑफ-पेज के जरिए व्यूअर्स को आकृष्ट किया जाता है, वहीं SMO में कंटेंट को फोटो और वीडियो के जरिए आकर्षक अंदाज में पेश कर यूजर्स को आकृष्ट किया जाता है.
  3. SEO में जहां कंटेंट में शब्दों से लेकर उसकी कसावट अहम होती है वहीं SMO में सोशल मीडिया पर बनाए गए एड्रेस पर कंटेंट की धाराप्रवाहिता, आकर्षक साज-सज्जा, विषय की गहराई से जानकारी के साथ तात्कालिकता और लगातार प्रस्तुति जरूरी होती है. क्योंकि पुरानी सामग्री होने और नया अपडेट न होने से यूजर्स सोशल एड्रेस से कन्नी भी काट लेते हैं.
  4. SEO में गलत कीवर्ड, चोरी की सामग्री जहां सर्च एंजिन पर सर्विस प्रोवाइडर को बैन करा सकती है वहीं SMO में सोशल एड्रेस पर दी गई ऐसी जानकारियां आपका बंटाधार करने के लिए काफी है, क्योंकि सोशल मीडिया पर काफी अलर्ट व्यूअर्स होते हैं जो आपस में जानकारी शेयर करते रहते हैं और ऐसे में चोरी की गई सामग्री तुरंत पकड़ में आ जाती है.
  5. SEO और SMO के लिए कंटेंट की पेशकश ऐसी होनी चाहिए जिससे पेज या एड्रेस बार जल्द खुल सके. क्योंकि आकर्षक बनाने के चक्कर में कई बार सोशल एड्रेस की डिजाइनिंग में भारी फाइल्स या टेंपलीट का उपयोग करने से एड्रेस को लोड होने में काफी समय लगता है जिससे यूजर्स वहां से रवानगी भर लेता है.
  6. सोशल मीडिया में RSS फीड, सोशल न्यूज़ और बुकमार्किंग साइट्स के साथ सोशल नेटवर्किंग साइट्स (social networking sites) ट्विटर, फेसबुक, ब्लॉगिंग साइट्स और वीडियो आदि शामिल हैं. टारगेट एक ही होने के कारण SMO औरSEO एक-दूसरे के पर्याय हैं. कहना गलत नहीं होगा SMO, SEO के लिए एक जरूरी एलिमेंट है.
  7. SEO और SMO दोनों ही सोशल नेटवर्किंग का हिस्सा हैं इसलिए इसमें जनभागीदारी बहुत महत्वपूर्ण हो जाती है. ऐसे में सामाजिक, राष्ट्रीय गौरव के अवसर पर जन संदेशों के जरिए भी सोशल एड्रेस पर ट्रेफिक बढ़ाने में मदद मिलती है.
  8. प्रचलित प्रतियोगिता, साइट्स पर अपने विचार रखकर भी अपने सोशल एड्रेस और विचारों को यूजर्स के सामने पेश करने से न केवल रिलेशनशिप डेवलप होती है, बल्कि आपके विचार लोगों को पसंद आने पर यूजर्स आपके एड्रेस की ओर रुख करने लगते हैं.
  9. SEO और SMO के लिए फ्रेश कंटेंट होना बहुत जरूरी है. पुराना और बोझिल कंटेंट यूजर्स को बोर करने लगता है साथ ही यदि कंटेंट रोजाना बदल नहीं रहा हो तो भी रोज आने वाले यूजर्स आना बंद कर देते हैं.
  10. SEO और SMO के लिए सबसे ज्यादा जरूरी है रेपुटेशन क्योंकि सारा काम साख के लिए किया जा रहा है, इसलिए इसमें मौलिकता के साथ ही मनोभावनाओं का भी ख्याल रखना जरूरी है. साख बनने पर आपका भी काम बनेगा, वरना साख पर बट्टा लगते ही काम तमाम भी तय है.

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